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सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जजों के कदम से न्यायपालिका की छवि पर बुरा प्रभाव पड़ेगा

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जजों के कदम से न्यायपालिका की छवि पर बुरा प्रभाव पड़ेगा जस्टिस हेगड़े ने कहा कि न्यायपालिका के आंतरिक मामले को सार्वजनिक बहस में नहीं लाना चाहिए था।

बेंगलुरु, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एन. संतोष हेगड़े ने शीर्ष अदालत के चार न्यायाधीशों के कदम को पूरी तरह निंदनीय माना है। चारों न्यायाधीशों ने न्यायपालिका के आंतरिक मामले को लेकर शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन किया था। पूर्व न्यायाधीश ने शनिवार को कहा कि इससे न्यायपालिका की छवि प्रभावित होगी और इसे न्यायालय का अपमान माना जा सकता है।

न्यायपालिका के आंतरिक मामले को सार्वजनिक बहस में नहीं लाना चाहिए

चारों न्यायाधीशों के कदम पर सवाल उठाते हुए जस्टिस हेगड़े ने कहा कि न्यायपालिका के आंतरिक मामले को सार्वजनिक बहस में नहीं लाना चाहिए था। इसका कारण यह है कि न तो जनता, न ही सरकार या कार्यपालिका उन्हें राहत दिला सकती है। कर्नाटक के लोकायुक्त रह चुके हेगड़े ने कहा कि न्यायाधीशों के कदम से लोगों का ध्यान आकर्षित करने के अलावा और कोई फायदा नहीं होने जा रहा है। लोगों के विश्वास पर ही न्यायपालिका टिकी है। विश्वास खत्म हुआ तो इसका कोई महत्व नहीं रह जाएगा।

न्यायपालिका को गूंगा बहरा बनाने का हो रहा है प्रयास

मुंबई। सुप्रीम कोर्ट के चार न्यायाधीशों के विद्रोह पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि न्यायपालिका को गूंगा बहरा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में मध्यस्थता नहीं करनी चाहिए।

न्यायाधीशों ने मुद्दे का समाधान नहीं किया तो राष्ट्रपति करें हस्तक्षेप: द्रमुक

चेन्नई। द्रमुक ने कहा है कि यदि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश खुद ही मुद्दे का समाधान नहीं करते हैं तो राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को हस्तक्षेप करना चाहिए। चार न्यायाधीशों के मुद्दे पर पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने शनिवार को यह टिप्पणी की।

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By Bhupendra Singh Original Article