भारत-इस्राइल के बीच हुए 7 समझौते, आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने पर भी सहमति

दोनों पक्षों के बीच परमाणु घड़ियों के क्षेत्र में सहयोग पर भी सहमति बनी.

खास बातें

  1. भारत-इस्राइल के बीच 7 समझौते
  2. अंतरिक्ष, कृषि और जल संरक्षण जैसे मुद्दों पर एमओयू
  3. आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने की सहमति

नई दिल्ली: भारत और इस्राइल ने अंतरिक्ष, कृषि और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए सात समझौतों पर दस्तखत किए हैं. पीएम मोदी ने बताया कि आतंकवाद की रोकथाम और रणनीतिक हितों के संरक्षण के लिए सहमति बनी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच गहन विचार विमर्श के बाद ये करार किए गए. दोनों देशों के बीच चार करोड़ डॉलर के भारत-इस्राइल औद्योगिक अनुसंधान एवं विकास तथा तकनीकी नवोन्मेषण कोष की स्थापना के लिए सहमति ज्ञापन (एमओयू) पर दस्तखत किए हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'हमारा विचार है कि साथ मिलकर हमारे वैज्ञानिक और शोधकर्ता इस क्षेत्र में आपसी लाभ के समाधान का विकास, निर्माण एवं क्रियान्वयन कर सकते हैं.' मोदी ने कहा, 'औद्योगिक विकास के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए इस चार करोड़ डॉलर के द्विपक्षीय प्रौद्योगिकी नवोन्मेषण कोष से हमें इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी. ' उन्होंने कहा कि हम दोतरफा व्यापार और निवेश के प्रवाह को अपनी मजबूत भागीदारी का आधार मानते हैं.' प्रधानमंत्री नेतन्याहू और मेरे बीच इस दिशा में और काम करने पर सहमति बनी है. इन प्रयासों में दोनों देशों की कंपनियों को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए.'
जल क्षेत्र में दो समझौतों पर दस्तखत किए गए हैं. इनके तहत दोनों पक्ष जलसंरक्षण और भारत में राज्यों में सरकारी जलापूर्ति निकायों के कामकाज में सुधार के लिए सहयोग करेंगे. मोदी ने कहा कि नवोन्मेषण, जल एवं कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इस्राइल अग्रणी देश है. भारत के विकास में ये मेरे प्राथमिकता के क्षेत्र हैं.'
उन्होंने कहा, 'हमारे बीच इस बात की सहमति बनी है कि जल एवं संसाधनों के इस्तेमाल में दक्षता, जल संरक्षण और उसकी स्वच्छता, कृषि क्षेत्र में उत्पादकता में बढ़ोतरी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं.' कृषि क्षेत्र में सहयोग के लिए दोनों पक्ष तीन साल के भारत-इस्राइल विकास सहयोग कार्यक्रम पर सहम हुए हैं. यह कार्यक्रम 2018 से 2020 तक चलेगा.
इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच परमाणु घड़ियों के क्षेत्र में सहयोग पर भी सहमति बनी है. इस यात्रा के दौरान जियो-लियो आप्टिकल लिंक और छोटे सैटेलाइट के लिए इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी अलग-अलग एमओयू किए गए. मोदी ने कहा कि नेतन्याहू के साथ बातचीत में आतंकवाद की रोकथाम और अपने रणनीतिक हितों के संरक्षण के लिए साथ मिलकर अधिक विस्तार से काम करने की भी सहमति बनी है.
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