राष्ट्रपति चुनाव : नीतीश कुमार ने रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का फैसला किया

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राष्ट्रपति चुनाव : नीतीश कुमार ने रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का फैसला किया

खास बातें

  1. नाम की घोषणा होते ही रामनाथ कोविंद से मिलने गए थे नीतीश
  2. आरजेडी ने नहीं किया है रामनाथ कोविंद का समर्थन
  3. नीतीश के घर पर शीर्ष नेताओं के साथ बैठक में लिया गया फैसला

पटना: राष्ट्रपति चुनाव के लिए बीजेपी की राह और आसान हो गई है. नीतीश कुमार की जेडीयू ने भी राष्ट्रपति के लिए रामनाथ कोविंद का समर्थन करने की बात कह दी है. नीतीश कुमार के घर पर इस बाबत फैसला लिया गया. जेडीयू के इस स्टैंड के बाद विपक्ष को करारा झटका लगा है, जो अपना प्रत्याशी उतारने की सोच रहा था. बीजेपी ने बिहार के पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद को अपना प्रत्याशी चुना है. नीतीश कुमार ने निष्पक्ष राज्यपाल के रूप में सेवा करने के लिए कोविंद के कार्यकाल के दौरान काफी प्रशंसा की है.रामनाथ कोविंद दलित समुदाय का प्रमुख चेहरा रहे हैं. उन्हें 2015 में बिहार का गवर्नर बनाकर भेजा गया गया. हालांकि जब रामनाथ कोविंद को बिहार भेजा गया था तो उनसे कोई परामर्श नहीं लिया गया था. लेकिन बाद में दोनों के बीच साथ काम करते हुए अच्छा रिश्ता विकसित हो गया था. इसलिए नीतीश के समर्थन की एक वजह यह भी बताई जा रही है. शायद यही वजह थी कि रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा होते ही नीतीश कुमार उनसे मिलने पहुंचे थे.हालांकि सहयोगी आरजेडी ने रामनाथ कोविंद का समर्थन न करने का फैसला किया हुआ है.
इससे पहले शिवसेना ने भी राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन करने का फैसला किया था. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कोविंद को एक बेहतर इंसान बताया. उद्धव ने यह भी साफ किया कि बीजेपी के रास्ते में हर बार अड़ंगा डालना शिवसेना का उद्देश्य नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी ने कोविंद का नाम देकर राजनीति की है या नहीं, यह सवाल पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से पूछा जाना चाहिए. उद्धव ने कहा, अमित शाह जब घर आए थे, तब उन्होंने साथ रहने की गुजारिश की थी. मैंने उनसे कहा था कि आप नाम बताएं हम उस पर फैसला लेंगे. उन्होंने नाम बताया. मैंने अपने नेताओं से बात की. मोहन भागवत और स्वामीनाथन का नाम हमने दिया था. भागवत के नाम का तर्क मैं बता चुका हूं जबकि, अमित शाह के साथ हुई बातचीत में बताया गया कि स्वामीनाथन की उम्र अब बहुत है. उनकी तबीयत भी ठीक नहीं रहती.'
शिवसेना प्रमुख ने कहा, 'ऐसे में अब बात रह जाती है दिए नाम की.देश में एनडीए की सरकार है. हम उसके घटक दल हैं. हम NDA के उम्मीदवार को समर्थन दे रहे हैं. हमारे समर्थन के बाद कोविंद की जीत में अब कोई रोड़ा नहीं रह जाता है.'
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